rrb jharkhand recruitment 2016

इस तरह देखा जाए तो पूरे देश में करीब 1000 ऐसे कद्दावर नेता हो जाएंगे, जो किसी पार्टी से टिकट नहीं पा सकेंगे. स्थानीय राजनीति में इनकी हनक, रसूख और आर्थिक ताकत किसी भी पार्टी से टिकट पाने वाले के बराबर ही होगी. ऐसे में ये नेता निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं. इन नेताओं की मूल पार्टी की कोशिश होगी कि वे इन्हें किसी तरह मनाएं और चुनाव लड़ने से रोकें. इसके एवज में पार्टी इनसे लुभावने वादे करेगी. वहीं, दूसरी पार्टी यह कोशिश करेगी कि उसका अपना बेटिकट नेता चुनाव न लड़े, लेकिन दूसरी पार्टी का नेता बागी होकर खड़ा हो जाए, इस तरह वह वोटकटवा का काम करे.