वाशिंगटन/बैंकाक,पांचनवंबर(भाषा)चीनपरनिशानासाधतेहुएट्रंपप्रशासनकेएकवरिष्ठअधिकारीनेकहाहैकि21वींसदीकीअंतरराष्ट्रीयव्यवस्थामेंसाम्राज्यवादीशक्तियोंकेलिएकोईजगहनहींहैजहांबड़ेदेशछोटेदेशोंकालाभउठासकें।अमेरिकाकेराष्ट्रीयसुरक्षासलाहकाररॉबर्टओब्रायननेहिंद-प्रशांतक्षेत्रमेंबढ़तेचीनीप्रभावपरसवालोंकाजवाबदेतेकहाकिसभीदेशोंकोएकदूसरेकीसंप्रभुताकासम्मानकरतेहुएबराबरीकाऔरअंतरराष्ट्रीयकानूनोंएवंपरंपराओंकेअनुसारव्यवहारकरनाचाहिए।उन्होंनेबैंकाकमेंसंवाददातासम्मेलनमेंकहा,‘‘साम्राज्यवादीशक्तियोंकेलिएकोईजगहनहींहै।वेअतीतकेदिनरहेहैं।’’उन्होंनेकहा,‘‘वेतबकेदिनथेजबबड़ेदेशबसअपनेआकारकेचलतेछोटेदेशोंकालाभउठासकतेथे।बसइसलिएकिकोईदेशबड़ाहैऔरकोईदेशछोटाहै,हमनहींसमझतेहैंकि21वींसदीकीअंतरराष्ट्रीयव्यवस्थामेंउसकेलिएकोईजगहनहींहै।’’उनकाबयानबैंकाकमेंपूर्वएशियाशिखरसम्मेलनकेमौकेपरआयाहैजहांहिंद-प्रशांतक्षेत्रमेंचीनकेतेजीसेबढ़तेसैन्यएवंआर्थिकविस्तारवादकामुद्दाप्रमुखतासेउठा।चीनलगभगपूरेदक्षिणचीनसागरपरअपनादावाकरताहैजबकिताइवान,फिलीपिन,ब्रुनेई,मलेशियाऔरवियतनामभीउसकेकुछकुछहिस्सेपरदावाकरतेहैं।जबओब्रायनसेपूछागयाकिवहइसबातसेकितनाचिंतितहैकिचीननयीसाम्राज्यवादीशक्तिबननेजारहाहै,तोउन्होंनेकहा,‘‘दरअसल,मैंसाम्राज्यवादकाजिक्रकररहाथा।मैंनहींसमझताकिमैंनेउससंदर्भमेंखासकरचीनकानामलियालेकिनयदिकोईचीनकेआचरणयाउसकेकृत्योंकोलेकरउसकीउसरूपमेंव्याख्याकरेतोवेवैसेनिष्कर्षहोसकतेहैंजोदूसरेनिकालें।’’उन्होंनेइसक्षेत्रमेंअमेरिकाकेदखलसंबंधीचीनकेआरोपोंकाभीखंडनकिया।उन्होंनेकहा,‘‘हमयहांलंबेसमयहैं।मैंसमझताहूंकिहमनेइसक्षेत्रमेंअपनीभूमिकाकेवास्तेसत्तरसालपहलेअपनाखूनपसीनाबहायाऔरपैसालगाया,हमउससेपहलेभीयहांरहेऔरतबसेयहांहैं।’’ओब्रायननेकहाकिअमेरिकाइसक्षेत्रमेंदखलनहींदेरहाहैऔरवहहिंद-प्रशांतक्षेत्रमेंअहमकिरदारहै।उन्होंनेकहाकिअमेरिकानेइसक्षेत्रमेंकिसीभीअन्यदेशसेअधिककियाहैऔरवहएशिया,दक्षिणपूर्वऔरखासकरएशियामेंसहयोगकेलिएकटिबद्धहै।ब्रायननेकहाकिपूरेहिंदप्रशांतक्षेत्रमेंअमेरिकाने1000अरबडॉलरकानिवेशकियाहै।उन्होंनेकहा,‘‘यहअमेरिकाकेलिएअहमक्षेत्रहै।हमयहांनिवेशकरतेहैं,हमयहांआतेहैं,हमस्थायीरूपसेहैंऔरहमपूर्वएशिया,दक्षिणपूर्वएशियाकेताने-बानेकाहिस्साहैं।’’उन्होंनेकहा,‘‘हमारामाननाहैकिहिंदप्रशांतक्षेत्रमेंसभीदेशोंकोअपनेअंतरराष्ट्रीयसंबंधोंकेलिएनिष्पक्षता,पारस्परिकताऔरपरस्परसम्मानसेसहभागिताकरनीचाहिए।हमनियमआधारितअंतरराष्ट्रीयव्यवस्थामेंयकीनकरतेहैं।हमअंतरराष्ट्रीयनियमऔरपरंपरामेंविश्वासकरतेहैं।’’

By Daniels