दिल्लीकेस्कूलोंमेंआगसेबचावकेउपायनहींहोनाचिंताजनकहै।उपमुख्यमंत्रीमनीषसिसोदियानेखुदविधानसभामेंयहबातस्वीकारकीकियहांके162सरकारीऔर105गैरसरकारीस्कूलोंकेपासअग्निशमनविभागकाअनापत्तिप्रमाणपत्रनहींहै।यहतोसरकारीस्कूलोंकाहालहै।निजीस्कूलोंकीस्थितितोऔरभीबुरीहै।लोगअपनेबच्चोंकीअच्छीपढ़ाईऔरसुरक्षाकेलिएमहंगास्कूलचुनतेहैं,लेकिनस्कूलमेंबच्चेसुरक्षितनहींहैं।दिल्लीमेंलाखोंबच्चेऐसेस्कूलोंमेंपढ़रहेहैंजहांहादसाहोनेपरउनकीसुरक्षाभगवानभरोसेहै।चांदनीचौक,जाफराबाद,सीलमपुरसहितघनीआबादीवालेक्षेत्रोंमेंअसुरक्षितइमारतोंमेंपढ़नेकेलिएबच्चेमजबूरहैं।इसओरसरकारबहुतगंभीरनहींदिखतीहै।

निजीस्कूलोंमेंसुरक्षामानकोंकाधड़ल्लेसेउल्लंघनहोरहाहै।स्कूलसंचालकोंकोलगताहैकिउनकेस्कूलमेंकभीआगलगनेजैसाहादसानहींहोसकताहै।यहीकारणहैकिउन्होंनेनतोअपनेस्कूलोंमेंआगसेबचनेकेउपायकिएहैंऔरनहीअग्निशमनविभागसेअनापत्तिप्रमाणपत्रलियाहै।कुछस्कूलोंमेंबचावकेउपायकेनामपरसिर्फखानापूर्तिकीजातीहै,जिससेकिउनकेखिलाफकोईकार्रवाईनहो।मासूमोंकेजीवनकेसाथहोरहेखिलवाड़कोरोकनेकेलिएसरकारकोसरकारीवनिजीस्कूलोंमेंसुरक्षाकेपुख्ताइंतजामकरनेचाहिए।जनप्रतिनिधियों,स्वयंसेवीसंस्थाओंऔरअभिभावकोंकोभीबच्चोंकीसुरक्षाकेलिएसतर्करहनाहोगा।यदिकहींकोईचूकदिखेतोइसकेलिएआवाजउठानेकीजरूरतहैजिससेकिसरकारऔरस्कूलसंचालकबच्चोंकीसुरक्षाकेलिएजरूरीकदमउठानेकोबाध्यहोसकें।

[स्थानीयसंपादकीय:दिल्ली]

By Dodd