खगड़िया।रूक-रूककरहोरहीबारिशसेजनजीवनपरगंभीरअसरपड़ाहै।सैकड़ोंएकड़मेंलगीफसलेंडूबगईहै।पशुचाराभीडूबगयाहै।सबसेज्यादानुकसानधानऔरसब्जीकीखेतीकोपहुंचीहै।धानकीफसलजहांडूबचुकीहै,वहींसब्जीकीफसलेंगलरहीहै।इससेसब्जीकेदामआसमानछूरहेहैं।पशुपालकोंकेसमक्षपशुचारेकीगंभीरसमस्याउत्पन्नहोगईहै।बारिशकेपानीमेंखेत-खलिहानकेसाथ-साथपशुचाराभीबर्बादहोरहाहै।इससेपूर्वबाढ़केपानीसेदियाराक्षेत्रकीपशुचारासमेतफसलेंडूबगईथी।अबबारिशनेरही-सहीकसरपूरीकरदी।पशुओंकेलिएहरेचारेकीकिल्लतहोगईहै।

समसपुरनिवासीपशुपालकअजीतचौधरीनेकहाकिअबपशुपालनकाफीमंहगाहोगयाहै।भूसा11-12सौरुपयेक्विटलबिकरहाहै।हराचारापरआफतहै।पशुचाराबारिशकेपानीमेंडूबकरनष्टहोरहाहै।