संवादसूत्र,बनबसा:बीतेसोमवारकोरात्रिमेंहुईभारीबारिशसेक्षेत्रमेंजनजीवनअस्तव्यस्तहोगयाहै।बारिशकापानीग्रामीणोंकेघरोंमेंघुसनेसेउनकाघरेलूसामानखराबहोगयाहै।वहींबारिशकेकारणकिसानोंकीफसलभीचौपटहोगईहै।

शनिवारसेशुरूहुईभारीबारिशमंगलवारसुबहतकजारीरही।जिससेपूरेक्षेत्रमेंहरतरफपानीपानीहोगया।वहींसोमवारशामकोशुरूहुईबारिशपूरीरातहोतीरही।जिससेपूरेक्षेत्रमेंबाढ़जैसेहालातहोगए।क्षेत्रकेनगरीयऔरग्रामीणक्षेत्रोंमेंबारिशकेबादहुएजलभरावसेलोगोंकोआवाजाहीमेंखासीदिकक्तोंकासामनाकरनापड़ा।ग्रामीणक्षेत्रकेसंपर्कमार्गोमेंजलभरावसेस्कूलीबच्चोंऔरलोगोंकोआवाजाहीमेंभारीपरेशानीपैदाहोरहीहै।नगरकेमीनाबाजार,मेनबाजार,धर्मशालामार्गमेंआदिजगहोंपरजलभरावहुआहै।वहींभारीबारिशसेकाश्तकारोंकोभीखासानुकसानहुआउनकीधानकीखड़ीफसलखेतोंमेंपानीभरनेसेगिरगईहै।जिससेफसलचौपटहोगई।वहींपिछलेतीनदिनोंसेपहाड़औरमैदानीक्षेत्रोंमेंभारीबारिशसेशारदानदीऔरहुड्डीकाभीजलस्तरलगातारबढ़नेसेखतराबनाहुआहै।

By Davies