खगड़िया।गोगरीप्रखंडमेंशिक्षाव्यवस्थाकाहालबेहालहै।विद्यालयोंकाजैसे,तैसेसंचालनकियाजारहाहै।कहींभवनकीकमीतोकहींशिक्षकोंकीकमीहै।जिससेबच्चोंकेपठन-पाठनकार्यपरगहराअसरपररहाहै।जिसकाउदाहरणप्रखंडके

बौरनापंचायतमेंदेखाजासकताहै।यहांकेउर्दूमध्यविद्यालयमेंभवनकेअभावमेंबच्चोंकोकाफीपरेशानीउठानीपड़तीहै।हालयहहैकिवर्गचारकेबच्चोंकोबरामदापरबैठकरपढ़ाईकरनीपड़तीहै।उर्दूमध्यविद्यालयमेंवर्गएकसेआठतकके521बच्चेनामांकितहैं।उपस्थितिभी350केकरीबरोजहोतीहै।विद्यालयमेंमात्रछहकमरेहैं।जिसमेंवर्गएकसेआठतककेबच्चोंकोअलग-अलगबैठाकरपठन-पाठनकार्यकरायाजाताहै।एककमराविद्यालयकेकार्यालयकेलिएहै।परंतु,बच्चोंकीअधिकताववर्गकक्षकेअभावकेकारणकार्यालयकेआधेभागमेंवर्गएककेबच्चोंकोबैठाकरपढ़ायाजाताहै।वहींउक्तविद्यालयमेंशिक्षककाभीअभावहै।यहांमात्रसातशिक्षकहै।जबकिछात्रवशिक्षककेनिर्धारितअनुपातकेअनुसारयहांकमसेकम11शिक्षककीआवश्यकताहै।शिक्षककीकमीकेकारणभीपठन-पाठनप्रभावितहोताहै।मतलबवर्गकक्षकेअभावमेंजैसे-तैसेविद्यालयकासंचालनकियाजारहाहै।विद्यालयकीघेराबंदीनहींहोनेसेभीपरेशानीहोतीहै।

स्थानीयलोगोंकेअनुसारविद्यालयमेंभवनकाघोरकमीहै।बच्चेंकोजैसे-तैसेपढ़ायाजाताहै।परंतु,विभागयाअधिकारीइसपरध्याननहींदेरहेहैं।प्रधानाध्यापकमो.मुश्ताकअंसारीनेबतायाकिविद्यालयमेंभवनवशिक्षककीकमीसेपरेशानीहोरहीहै।भवनकोलेकरविभागीयअधिकारीकोभीअवगतकरायागयाहै।बीईओअरुणकुमारनेकहाउक्तविद्यालयमेंभवनकीकमीहै।इसेलेकरलिखागयाहै।

By Dennis