पटना,जेएनएन।प्रदेशमेंउम्रकेहिसाबसेबच्चोंकीऊंचाईकमहोनेकीसमस्या(नाटापन)कोदूरकरनेमेंउल्लेखनीयसफलतामिलीहै।राष्ट्रीयपरिवारस्वास्थ्यसर्वेक्षण(एनएफएचएस)-5केअनुसार,प्रदेशमें5.4फीसदघटकरबौनापनकीसमस्या42.9फीसदरहगईहै।बतातेचलेंकि2015-16मेंहुएएनएफएचएस-4प्रदेशके48.3फीसदबच्चेबौनेपनसेपीडि़तथे,जबकि2005-06मेंयहआंकड़ा55.6फीसदथा।इसकाकारणस्वास्थ्यविभागद्वाराकुपोषणदूरकरनेकेलिएचलाएकार्यक्रमोंकोमानाजारहाहै।बौनापनकमकरनेमेंसबसेआगेशिवहरजिलारहा।यहांदोनोंसर्वेकेबीच18.6फीसदतककमकियागया।वहीं,11.10फीसदकेसाथमुंगेरजिलापांचवेंस्थानपररहा।

सुपोषणकीराहपरअग्रसरहैप्रदेश

कुपोषणकोउम्रकेहिसाबसेऊंचाईकमहोनेकाअहमकारणमानाजाताहै।शुरुआतमेंयदिबच्चाबौनारहगयातोबादमेंउसकीऊंचाईबढऩेकीसंभावनानकेबराबरहोतीहै।कुपोषणदूरकरनेकेलिएप्रदेशसरकारमेंआंगनबाड़ी,स्कूलोंआदिमेंसुपोषणकार्यक्रमसंचालितकिएजारहेहैं।

शिवहरजिलेमेंसबसेअधिकसुधार

एनएफएचएस-4केअनुसार,शिवहरमें53प्रतिशतबच्चेबौनेपनसेग्रसितथे,जोएनएफएचएस-5में18.6फीसदकमहोकर34.4फीसदहोगईहै।यहकमीराज्यकेऔसतसेतीनगुनासेभीअधिकहै।वैशालीदूसरेऔरखगडिय़ातीसरेस्थानपरहै।खगडिय़ामेंबीतेसर्वेक्षणकीतुलनामें15फीसदकीकमीआईहै।11.5फीसदकीकमीकेसाथनालंदाचौथेऔर11.1फीसदकमीकेसाथमुंगेरपांचवेस्थानपररहा।

सामाजिकजागरुकतासेबदलरहीस्थिति

राष्ट्रीयपरिवारस्वास्थ्यसर्वेक्षण-5केअनुसारगतपांचसालोंमेंबिहारमें6माहतककेवलस्तनपान,संस्थागतप्रसव,महिलासशक्तीकरण,संपूरकआहार,कुलप्रजननदरमेंकमी,प्रसवपूर्वजांचएवंटीकाकरणजैसेसूचकांकोंमेंकाफीसुधारहुआहै।यहीबौनेपनमेंकमीलानेमेंसहायकसाबितहुएहैं।

By Davis