बस्ती,हरिशंकरपाण्डेय।प्राचीनकालमेंबस्तीकोभगवानरामकेगुरुवशिष्ठऋषिकेनामपरवाशिष्ठीकेनामसेजानाजातारहा,कहाजाताहैकिउनकायहांआश्रमथा।अंग्रेजोंकेजमानेमेंजबयहजिलाबनातोनिर्जन,वनऔरझाड़ियोंसेघिराथा।लोगोंकेप्रयाससेयहधीरे-धीरेबसनेयोग्यबनगया।वर्तमाननामराजाकल्हणद्वाराचयनितकियागयाथा।यहबात16वींसदीकीहै।1801मेंयहतहसीलमुख्यालयबनाऔर6मई1865कोगोरखपुरसेअलगहोकरनयाजिलामुख्यालयबनायागया।

अयोध्यासेसटायहजिलाप्राचीनकालमेंकोशलदेशकाहिस्साथा।रामचंद्रराजादशरथकेज्येष्ठपुत्रथेजिनकीमहिमाकौशलदेशमेंफैलीहुईथीजिन्हेंएकआदर्शवैधराज्य,लौकिकरामराज्यकीस्थापनाकाश्रेयजाताहै।परंपराकेअनुसाररामकेबड़ेबेटेकुशकौशलके¨सहासनपरबैठेजबकिछोटेलवकोराज्यकेउत्तरीभागकाशासकबनायागयाजिसकीराजधानीश्रावस्तीथी।इक्ष्वाकुसे93वींपीढ़ीऔररामसे30वींपीढ़ीमेंबृहद्वलथा।यहइक्ष्वाकुशासनकेअंतिमप्रसिद्धराजाथे,जोमहाभारतयुद्धमेंचक्रव्यूहमेंमारेगएथे।भगवानबुद्धकेकालमेंभीयहक्षेत्रशेषभारतसेअछूतानरहा।कोशलकेराजाचंडप्रद्योतकेसमययहक्षेत्रकोशलकेअधीनरहा।गुप्तकालकेअवसानकेसमयसमययहक्षेत्रकन्नौजकेमौखरीवंशकेअधीनहोगया।

9वींशताब्दीमेंयहक्षेत्रफिरपुन:गुर्जरप्रतिहारराजानागभट्टकेअधीनहोगया।1225मेंइल्तुतमिशकाबड़ाबेटानासिरउददीनमहमूदअवधकागवर्नरबनगयाऔरइसनेभारलोगोंकेसभीप्रतिरोधोंकोपूरीतरहकुचलडाला।1479मेंबस्तीऔरआसपासकेजिलेजौनपुरराज्यकेशासकख्वाजाजहानकेउत्तराधिकारियोंकेनियंत्रणमेंथा।बहलूलखानलोधीअपनेभतीजेकालापहाड़कोइसक्षेत्रकाशासनदेदिया।उससमयमहात्माकबीर,प्रसिद्धकविऔरदार्शनिकइसजिलेकेमगहरमेंरहतेथे।

अकबरऔरउनकेउत्तराधिकारीकेशासनकालकेदौरानबस्तीअवधसूबेगोरखपुरसरकारकाएकहिस्साबनाहुआथा।1680मेंमुगलकालकेदौरानऔरंगजेबलेएकदूतकाजीखलीलउररहमानकोगोरखपुरभेजाथा।उसनेहीगोरखपुरसेसटेसरदारोंकोराजस्वभुगतानकरनेकोमजबूरकियाथा।अमोढ़ाऔरनगरकेराजाकोजिन्होंनेहालहीमेंसत्ताहासिलकीथीराजस्वकाभुगतानकरनेकोतैयारहोगए।रहमानमगहरगया,यहांउसनेचौकीबनाईऔरराप्तीकेतटपरबनेबांसीराजाकेकिलेकोकब्जाकरलिया।नवनिर्मितजिलासंतकबीरनगरकामुख्यालयखलीलाबादशहरकानामखलीलउररहमानसेपड़ा,जिसकाकब्रमगहरमेंमौजूदहै।उसीसमयगोरखपुरसेअयोध्यासड़ककानिर्माणहुआथा।

एकमहानऔरदूरगामीपरिवर्तनतबआयाजब9सितंबर1772मेंसआदतखानकोअवधसूबेकाराज्यपालनियुक्तकियागयाजिसमेंगोरखपुरकाफौजदारीभीथा।उससमयबांसीऔररसूलपुरपरसर्नेटराजाका,बिनायकपुरपरबुटवलकेचौहानका,बस्तीपरकल्हणशासकका,अमोढ़ापरसूर्यवंशकानगरपरगौतमका,महुलीपरसूर्यवंशकाशासनथा।अकेलेमगहरपरनवाबकाशासनथा।मुस्लिमशासनकालमेंयहक्षेत्रकभीजौनपुरतोकभीअवधकेनवाबोंकेहाथरहा।अंग्रेजोंनेमुस्लिमोंसेजबयहइलाकाप्राप्तकियातोगोरखपुरकोअपनामुख्यालयबनाया।

शासनसत्तासुचारूरूपसेचलानेऔरराजस्ववसूलीकेलिएअंग्रेजोंने1865मेंइसक्षेत्रकोगोरखपुरसेअलगकिया।प्रथमस्वतंत्रतासंग्रामकाइतिहासछावनीकेअमोढ़ामेंआजभीबिखरापड़ाहैजहांराजाजालिम¨सहवमहारानीतलाशकुंवरिकीशौर्यगाथागर्वसेसुनीऔरसुनाईजातीहै।महात्मागांधीकेआंदोलनसेलगायतदेशकेआजादहोनेतकयहक्षेत्रसदैवसक्रियरहा।

प्रमुखस्थल:अमोढ़ा,छावनीबाजार,संतरविदासवनविहार,भदेश्वरनाथमंदिर,मखौड़ा,श्रृंगीनारी,गनेशपुर,धिरौलीबाबू,केवाड़ीमुस्तहकम,चंदोताल,बराह,अगौना,बेहिलनाथमंदिर,कड़रमंदिर,महादेवामंदिर।

यातायात:बस्तीअच्छीतरहसेरेलएवंसड़कमार्गसेदेशएवंप्रदेशकेप्रमुखशहरोंसेजुड़ाहै।यहांसेहावड़ा,दिल्ली,मुंबई,बंगलुरू,जम्मूकेसाथहीकईराज्योंकेलिएरेलगाड़ीचलतीहै।इसकेअलावालखनऊ,दिल्लीएवंमुंबईकेसाथहीप्रदेशकेअन्यनगरोंकेलिएप्रतिदनबसेंचलतीहैं।

भौगोलिकसंरचना:जिलेकाआकारएकआयतकीभांतिहै।उत्तरमेंआमी,दक्षिणमेंघाघरानदीकाप्रवाहहै।जलसंचयकेलिएकईनदियांएवंताल-पोखरेहैं।

By Curtis