जागरणसंवाददाता,बोकारो:

जम्मू-कश्मीरस्टडीसेन्टर,बोकारोचैप्टरद्वारास्थानीयबोकारोक्लब,बैडमिटनहॉलमेंशनिवारकीशामपाकिस्तान-चीनअधिक्रांतलद्दाखएवंजम्मू-कश्मीरविषयपरव्याख्यानकाआयोजनकियागया।मुख्यवक्ताकैप्टन(रिटायर्ड)आलोकबंसलउपस्थितहुएहै।कहाकिहमअपनीहीभूमिकोभूलतेजारहेहै।आजहमारीनईपीढ़ीयहभीनहींजानतीहैकिगिलगितबलूचिस्तानहमारारहाहै।यहांतकआदिगुरूशंकराचार्यकोभीशंकराचार्यकीउपाधीशारदापीठकेपूजाअर्चनाकेउपरांतहीमिलीथी।आजवहशारदापीठभीहमारेदेशकेअधिकारक्षेत्रमेंनहींहै।उन्होंनेआगेजानकारीदेतेहुएकहाकिलद्दाखऔरजम्मूकश्मीरकोरणनीतिकरूपसेभारतकासबसेमहत्वपूर्णहिस्साकहाजाताहै,लेकिनअसलीरणनीतिकक्षेत्रवेहैंजोविदेशीकब्जेमेंहैं।गिलगित-बलूचिस्तानबहुपक्षीयबहुलतावादकाएकउदाहरणहै,यहसमृधइतिहास,विविधसंस्कृतियों,जातीयताओंऔरभाषाओंसेसंपन्नक्षेत्रहैं,लेकिनदशकोंसेयहक्षेत्रभारतीयचेतनासेबाहरहै।भारतकेनागरिक,कब्जेवालेक्षेत्रोंमेंरहनेवालेलोगोंकोभारीकठिनाईयोंकासामनाकरनापड़रहाहैऔरउनकेमनवाधिकारोंकोदेशकेभीतरऔरसाथहीसाथअंतर्राष्ट्रीयस्तरपर,कोईभीआक्रोशपैदाकिएबिनाअशुद्धताकेसाथरौंददियागयाहै।कहाकिजबतकपाकिस्तानवचीनकाक्षेत्रभारतमेंशामिलनहींहोताहैतबभारतकेएकीकरणकासपनापूरानहींहोगा।कमांडर(रिटायर्ड)रजतपाण्डेयनेलोंगोसेपहलेसिटीजनबननेकीबातकहीएवंसमाजिकसरोकारोंमेंसहभागिताबढ़ानेकीबातकही।कार्यक्रममेंजम्मू-कश्मीरस्टडीसेन्टरकेक्षेत्रीयअधिकारीबीरेन्द्रकुमारसिंह,इन्द्रजीतसिंह,कुणालरंजनविशेषरूपसेउपस्थितथे।मौकेपरजग्गनाथशाही,आनंदकुमार,सिद्धेशनारायणदास,एसकेवर्मा,पवनकुमार,प्रकाशकोठारी,विनयसिंह,अर्जुनसिंह,दिनेश्वरसिंह,सुरेशबाबू,राकेशमिश्रा,प्रदीपझा,संजयराय,एकेवर्मा,सत्यमभरतीसहितअन्यउपस्थितथे।

By Dale