दोसालोंमेंराज्यकेवनक्षेत्रमें58वर्गकिलोमीटरकीहुईवृद्धि

जागरणसंवाददाता,रांची:भारतीयसंस्कृतिमेंप्रकृतिकीपूजाहोतीहै।पेड़,पौधे,नदीपर्वतआदिकोदेवतुल्यमानकरआराधनाकीजातीहै।यहढकोसलानहींबल्किहमारेपुरखोंनेप्रकृतिकोआस्थासेजोड़करउसकेसुरक्षाकेउपायकिएहैं।जैसे-जैसेकिताबीज्ञानबढ़तागयावर्षोंपुरानीजीवनपद्धतिसेदूरहोतेगए।प्रकृतिकाअंधाधुंधदोहनहोनेलगा।अपनीसुविधाकेलिएहमनेपेड़पौधेकाटदिएतोइसकाअसरपर्यावरणपड़नास्वाभाविकथा।नदियांसूखरहीहैं।तापमानमेंबेतहाशावृद्धि,कहींअतिवृष्टितोकहींअल्पवृष्टिजीवनकोलीलरहीहै।

संयुक्तबिहारकेसमयरांचीकोगृष्मकालीनराजधानीकहाजाताथा।एसीतोदूर,20सालपूर्वमई-जूनमेंभीठंडकाएहसासहोताथा।अबहालयहहैकिमार्चबीताभीनहींकिसूरजकीतपिशअसहनीयलगरहीहै।मौसमीबदलावकेजहांपर्यावरणविदचितितहैंवहींआमलोगोंमेंभीअबचेतनाजगीहै।पेड़कीअंधाधुंधकटाईपरकहींनकहींब्रेकलगाहै।झारखंडगठनके19सालोंमें1121वर्गकिलोमीटरकीवृद्धिहुईहै।2001मेंजहां22490वर्गकिमीभूभागवनोंसेअच्छादितथावहीं2019केसर्वेकेअनुसारराज्यका23611वर्गकिमीएरियावनसेआच्छादितहै।

2019केसर्वेकेअनुसारआंकड़ा

-अत्यंतसघनवन2603वर्गकिमी

-सामान्यसघनवन9687

-कुलवनएवंवृक्षावरण23611एकपेड़अपनेपूरेजीवनकालमेंहरतरहसेमनुष्यकेकामआताहै।भोजनप्रदानकरने,छांवदेने,घरबनानेकोलकड़ीसेलेकरजीवनदायिनीऑक्सीजनभीदेताहै।आपकेआसपासजितनेअधिकपेड़उतनाकमप्रदूषण।इसकेबावजूदआधुनिकताकीअंधाधुंधदौड़मेंजंगलोंकीकटाईकीगई।2016मेंकुल7.3करोड़एकड़वनक्षेत्रकाखात्माहुआ।वनोंकोबचानेऔरधरतीकोहरा-भराबनाएरखनेकेलिएलोगोंकोजागरूककरनेकेउद्देश्यसेहरसालआजकेदिनअंतरराष्ट्रीयवनदिवसमनायाजाताहै।

1971मेंहुईथीविश्ववानिकीदिवसकीघोषणा,2012मेंअंतरराष्ट्रीयवनदिवस

1971मेंयूरोपीयसंघकीमहासभाने21मार्चकोविश्ववानिकीदिवसघोषितकिया।28नवंबर,2012कोसंयुक्तराष्ट्रमहासभानेइसदिनकोअंतरराष्ट्रीयवनदिवसघोषितकिया।लोगोंकोवनोंकीअहमियतसमझानेऔरगरीबीमिटाने,पर्यावरणबचानेऔरखाद्यसुरक्षासुनिश्चितकरनेमेंपेड़ोंकीभूमिकाबतानेकेउद्देश्यसेहरसालयहदिवसमनायाजाताहै।इसवर्षकीथीमहै-वनऔरजैवविविधता।

पेड़नहींबचाएतोमिटजाएगीदुनिया:नितीशप्रियदर्शी

पर्यावरणविदनितीशप्रियदर्शीकेअनुसारपेड़-पौधेधरतीकेलिएफेफड़ेकेसमानहै।जिसतरहफेफड़ेकेबिनाशरीरकीकल्पनानहींकीजासकतीहै,उसीप्रकारपेड़-पौधेकेबिनापर्यावरणकीकल्पनानहींहोसकती।आजादीकेसमयमेंवर्तमानकेझारखंडइलाकेमेंकरीब53प्रतिशतइलाकेवनक्षेत्रथे।बादमेंखनिजपदार्थोंकाउत्खनन,आगलगने,आबादीबढ़ने,खेतीकेलिएआदिआदिकारणोंसेवनक्षेत्रघटतागया।वर्तमानमेंजोरांचीकामौसमहैवोकहींनकहींहमलोगोंकेलिएखतरेकीघंटीहै।अगरसमयरहतेनचेतेतोहमारीदुनियामिटजायेगी।

-------------रांचीमेंकरोड़ोंखर्च,दोसालमेंएकप्रतिशतभीनहींबढ़ावनक्षेत्र

वनक्षेत्रबढ़ानेकेलिएपौधरोपणकेलिएबड़ेपैमानेपरअभियानचलायाजाताहै।प्रत्येकसालकरोड़ोंखर्चकिएजातेहैं।राज्यकेकईजिलोंमेंवनक्षेत्रमेंवृद्धिदर्जकीगईहै।हालांकि,रांचीकीबातकरेंतोयहांकारिजल्टनिराशाजनकहै।भारतीयवनसर्वेक्षणदेहरादूनकीरिपोर्टकीमानेतो2017से2019केबीचरांचीकेवनक्षेत्रमेंमहज.49प्रतिशतकीहीवृद्धिहुई।

By Dean