केवलदिवसनहींमहिलाओंकोमिलेउचितसम्मान:शबाना

महिलाओंकोमिलेहरक्षेत्रमेंसुनिश्चितभागीदारी

संवादसहयोगी,मधुपुर(देवघर):अंतरराष्ट्रीयमहिलादिवसपरकांग्रेसनेत्रीशबानाखातूननेकहाकिसिर्फदिवसमनाकरपूर्णरूपसेमहिलाओंकोसम्माननहींमिलसकता।महिलाएंआजकलहरक्षेत्रमेंपुरुषोंसेकदमसेकदममिलाकरचलरहीहैं।चाहेवोकोईभीक्षेत्रहोविज्ञान,राजनीति,खेल,मेडिकलयाकोईभीअन्यक्षेत्र।महिलाओंनेहरक्षेत्रमेंशानदारप्रदर्शनकियाहै।आयोजितविचारगोष्ठीमेंकहाकिघरकेकामसेलेकरबच्चोंकीजिम्मेदारियांसबएकमहिलाहीसंभालतीहै।वर्तमानसमयमेंएकपरिवार,समाजऔरदेशकेप्रगतिमेंनारीकासराहनीययोगदानहैइसलिएपूरीदुनियानारीसशक्तिकरणकाबिगुलबजारहीहैं।नये-नयेक्षेत्रोमेंस्त्रीकेप्रतिभाकीपहचानहोरहीहै।नारीकेसम्मानऔरशिक्षाकेलिएहरव्यक्तिकोअपनासहयोगकरनाचाहिए।ताकिएकसभ्यसमाजकानिर्माणहोसके।इसदेशमेंरानीलक्ष्मीबाई,रजियासुल्तान,इंदिरागांधी,सरोजिनीनायडूजैसीकईमहानमहिलाओंनेजन्मलिया।लेकिनसमयकेसाथसाथकाफीबदलावदेखनेकोमिला।आजादीकेइतनेवर्षबीतजानेकेबादभीपूर्णरूपसेमहिलाओंकोअधिकारनहींमिलपायाहै।देशमेंदहेजहत्या,घरेलूहिंसा,बलात्कार,छेड़छाड़औरभ्रूणहत्याजैसेजघन्यअपराधआजभीजारीहैं।लोगोंकोमहिलाओंकेप्रतिअपनेविचारकोबदलनापड़ेगा।

By Dean