बुलंदशहर,जेएनएन।आजादभारतमेंहम74वांस्वतंत्रतादिवसमनानेजारहेहैं।इतनेलंबेसमयबादभीगरीबऔरबेसहाराकितनेहीबच्चेबचपनमेंकखगसीखनेकेबजाएपेटभरनेकेलिएकूड़ाबीनतेहैं।आजादीकेबादसेअबतकतमामसरकारेंआईऔरगई,लेकिनगरीबऔरकूड़ाबीननेवालेबच्चोंकेलिएधरातलपरकामनहींहुआ।शिक्षाकेअधिकारसेवंचितइन्हीबच्चोंकेलिएशाहफैसलपिछलेआठसालसेज्ञानकीज्योतिजलारहेहैं।

शहरकेचांदपुररोडनिवासीसेंटमोमिनास्कूल्सकेचेयरमैनशाहफैसलछहस्कूलचलातेहैं।शाहफैसलनेबतायाकिमाता-पिताकेसायेमेंरहनेवालेभाग्यशालीबच्चेतोकहींभीस्कूलमेंशिक्षापालेतेहैं,लेकिनगरीबीकादंशझेलनेवालेबच्चेशिक्षाकेअधिकारसेवंचितरहजातेहैं।करीबआठसालपहलेउन्होंनेशहरकेपासरास्तेमेंकूड़ाबीननेवालेबच्चोंकोदेखा।गाड़ीरोकीऔरबच्चोंसेपढ़ाईकेबारेमेंपूछा।बच्चोंनेबतायाकिस्कूलकभीगएनहींपढ़नानहींआता।बच्चोंसेपतापूछकरझुग्गियोंमेंजाकरउनकेमाता-पितासेमिले।माता-पितानेकहाकिफीसभरेंयारोटीखाएं।बच्चोंऔरउनकेमाता-पिताकेजवाबनेफैसलकोसोचनेपरपरमजबूरकरदिया।इसीसोचनेवर्ष2012मेंरामराज्यस्कूलशुरूकरादिया।शहरकीआवास-विकासद्वितीयकालोनीमेंचलनेवालारामराज्यस्कूलगरीबऔरकूड़ाबीननेवालेबच्चोंकोशिक्षाकाअधिकारदिलारहाहै।गरीबीकेचलतेबीचमेंपढ़ाईछोड़नेवालेबच्चोंकीभीइसस्कूलमेंपढ़ाईपूरीहोतीहै।वर्तमानमेंरामराज्यस्कूलमें132बच्चेकक्षाएकसेकक्षा12तककीशिक्षाग्रहणकररहेहैं।स्कूलमेंशहरीक्षेत्रकेसाथग्रामीणक्षेत्रकेबच्चेभीशामिलहैं।स्कूलमेंप्रवेशपानेवालेबच्चोंकेलिएयूनिफार्म,किताब,कॉपीआदिसबकुछनिशुल्कहै।सातसौबच्चोंकीबदलीदिशा

रामराज्यस्कूलमेंसातसौबच्चोंकोशिक्षादीजाचुकीहै।कुछनेइंटरतककीशिक्षाप्राप्तकरनेकेबादस्वरोजगारशुरूकरअपनेजीवनकोसहीदिशादी।रामराज्यस्कूलमेंपढ़ाईकरनेकेबादकितनेहीबच्चेबीए,बीकाम,बीटेक,बीसीए,एमटेक,एमसीए,एमएतककीशिक्षाप्राप्तकररहेहैं।स्कूलसेनिकलनेकेबादउच्चशिक्षाकेखर्चमेंभीमददकरतेहैं।स्कूलमेंपढ़नेवालेबच्चोंकोदेखकरमनकोअसीमशांतिप्राप्तहोतीहै।

-शाहफैसल,संचालकरामराज्यस्कूल

By Davison