जहानाबाद।जब-जबलोकसभाचुनावकीचर्चाहोगीजहानाबादसंसदीयक्षेत्रकेलोगोंकेजेहनमेंरामाश्रयप्रसादसिंहकीयादजरूरताजाहोगी।वेलगातारचारबारइससंसदीयक्षेत्रकाप्रतिनिधित्वकरनेवालेएकमात्रशख्सियतथे।अपनेसरलस्वभावकेकारणहाईटेकचुनावप्रचारकेबावजूदभीवेकभीतामझामकेसाथचुनावनहींलड़े।जिलेकेमोदनगंजप्रखंडकेअरहिटगांवमेंसामान्यपरिवारमेंजन्मेरामाश्रयबाबूबचपनसेहीपिताकेप्यारसेमहरुमरहे।उनकापालनपोषणउनकीमांतथादादीनेकीथी।घरकीआर्थिकबदहालीनेकमउम्रमेंहीउन्हेंनौकरीकरनेकेलिएमजबूरकरदियाथा।जिसकेबादवेतहसीलदारकीनौकरीकरनेलगे।कहतेहैंकिकुदरतनेजिसेसमाजकीसेवाकरनेकेलिएधरतीपरभेजाहैवहएकनौकरीकेदायरेमेंअपनेआपकोकैसेसमेटकररखसकताहै।नौकरीसेपरिवारकाखर्चतोपूराहोजारहाथालेकिनमनमेंसमाजकेलिएकुछकरनेकीजज्बाथा।यहीकारणथाकि1952मेंवेमुखियाकाचुनावलड़नेकेलिएमैदानमेंउतरे।पंचायतकीजनतानेउनकेइरादेकोसमझाऔरउन्हेंनिर्विरोधमुखियाबनाया।तबसेलगातार1971तकवेमुखियाबनेरहे।मुखियाबनतेहीउन्होंनेभारतीयकम्युनिस्टपार्टीकीसदस्यताग्रहणकरलालझंडेकोथामलिया।हालांकिउससमयहरओरकांग्रेसकाबोलबालाथा।कांग्रेसकेहीलोगचुनावजीततेथे।ऐसेमें1962मेंवेभाकपाकेटिकटपरघोसीविधानसभासेचुनावमैदानमेंउतरेलेकिनउससमयउन्हेंहारकासामनाकरनापड़ा।भलेहीउसचुनावमेंपराजयमिलीथीलेकिनउनकेइरादेमजबूतहोतेगए।1972केचुनावमेंघोसीकीजनतानेउन्हेंविधायकबनाया।गरीबोंकीआवाजकोआगेबढ़ानेकेकारणउनकादायराबढ़ताचलागया।अबवेसिर्फघोसीतकहीसीमितनहींरहगएथे।दूसरेजिलेमेंभीउनकीपहचानथी।उनकीइसलोकप्रियताकोदेखतेहुएपार्टीने1984मेंलोकसभाकाउम्मीदवारबनायाऔरवेपहलीबारजहानाबादसंसदीयक्षेत्रसेचुनावजीते।इसकेबादवे1989,1991और1996मेंचुनावजीततेरहे।इसतरहलगातारचारबारसांसदबनकरउन्होंनेजोकीर्तिमानस्थापितकियाहैउसेइससंसदीयक्षेत्रकेअन्यकिसीप्रत्याशीनेनहींदोहराया।हालांकि1998केचुनावमेंफिरनिर्दलीयप्रत्याशीकेरूपमेंवेचुनावमैदानमेंउतरेलेकिनउन्हेंसफलतानहींमिली।उसचुनावमेंराजदप्रत्याशीडॉ.सुरेंद्रप्रसादनेजीतहासिलकीथी।