धर्मशाला,दिनेशकटोच। LokSabhaElection2019कांगड़ा संसदीय क्षेत्रकाहर हलकाहर चुनावमेंसत्ताकेदरवाजेखोलता औरबंदकरतारहाहै।खासकरविधानसभाचुनावमेंतोसत्ताका रास्तायहींसेशुरूहोताहैहालांकि लोकसभाचुनावकेमामलेमेंभले हीप्रदेशकीचारोंसीटोंकाकेंद्रमें कोईअसरनपड़ताहोपरप्रदेशकी राजनीतिमेंयहसंसदीयक्षेत्रइतना अहमरहाहैकिबड़े-बड़ेनेताओंको जमीनभीदिखाईहै।

इसीसंसदीयक्षेत्रकेहिस्से यानीचंबामेंबड़ाविरोधाभासहै। इसजिलेकीकिस्मतऐसीहैकि केंद्रनेभीइसेराष्ट्रस्तरपरपिछड़ा जिलाघोषितकियाहै।चंबाके मुकाबलेविकासमेंकांगड़ाजिला काफीआगेहै।इससंसदीयक्षेत्र परकांग्रेसकावर्चस्वरहाहै। आजादभारतकेपहलेलोकसभा चुनाव1952से1977तकदेश क्याप्रदेशमेंभीकांग्रेसकाएकछत्र राजरहाहै।

आपातकालकेबादहुए लोकसभाचुनावमेंकांग्रेसकेइस तिलिस्मकोइंदिराविरोधीलहरने तोड़ा।आपातकालकेबाद1977 केलोकसभाचुनावमेंयहांकी सभीसीटोंपरकांग्रेसविरोधीदलों केसंयुक्तमोर्चेभारतीयलोकदल केप्रत्याशीविजयीहुए।इस दौरानकांगड़ासेकांग्रेससांसदरहे विक्रमचंदमहाजनकोलोकदल केदुर्गाचंदनेमातदीलेकिनकेंद्र सरकारलगभगढाईवर्षतकही चलपाई।1980केचुनावमेंफिर सेइससंसदीयक्षेत्रकीसीटकांग्रेस केविक्रमचंदमहाजनकेनामरही। इसकेबाद1984केचुनावमेंभीकांग्रेसकाजलवाकायमरहाऔर चंद्रेशकुमारीकांग्रेसप्रत्याशीकेरूप मेंविजयहुई।

वर्ष1989केचुनावमेंप्रदेशमें पहलीबारभारतीयजनतापार्टीने तीनसीटोंकेसाथखाताखोला। केवलशिमलासंसदीयक्षेत्रसे केडीसुल्तानपुरीहीकांग्रेसकी लाजबचासके,जबकिअन्य तीनसीटोंपरकांग्रेसदिग्गजोंको हारकामुंहदेखनापड़ा।इसदौरान कांगड़ासंसदीयक्षेत्रसेशांताकुमार नेपहलीबारसंसदमेंकदमरखा।

भाजपाकाइससंसदीयक्षेत्रसेजीत काखाताखुलातोशांताकेबादडीडीखनूरियाभाजपाकेसांसद बने।इसकेबादकभीभाजपातो कभीकांग्रेसकेसांसदबने।भले हीकईदिग्गजइससंसदीयक्षेत्रसे जीतेहों,लेकिनउन्हेंलगातारजीत कास्वादजनतानेलेनेनहींदियाहै औरवक्तकेसाथधूलभीचटाईहै। इसकाउदाहरणकांग्रेसकेहेमराज वभाजपाकेशांताकुमारभीहैजो तीन-तीनबारयहांसेसांसदतोबन चुकेहैं,लेकिनलगातारजीतसेदूर हीरहेहैं।

संसदीयक्षेत्रमेंहैभाजपाकावर्चस्व

कांगड़ासंसदीयक्षेत्रमेंइससमयभाजपाकावर्चस्वहै।कांगड़ासंसदीय क्षेत्रमें17विधानसभाक्षेत्रशामिलहैं।इनमेंबैजनाथ,पालमपुर,जयसिंहपुर, नगरोटाबगवां,धर्मशाला,शाहपुर,इंदौरा,फतेहपुर,जवाली,ज्वालामुखी, कांगड़ा,सुलह,नूरपुर,चंबा,डलहौजी,चुराहवभटियातशामिलहै।

नाम       पार्टी  वर्ष

एआरसेवल  कांग्रेस 1952

हेमराज    कांग्रेस 1952

पदमदेव   कांग्रेस 1957

हेमराज    कांग्रेस  1962

छत्तरसिंह  कांग्रेस  1962

हेमराज    कांग्रेस  1967

विक्रमचंदमहाजनकांग्रेस1967

दुर्गाचंद        लोकदल 1977

विक्रमचंदमहाजन कांग्रेस1980

चंद्रेशकुमारी    कांग्रेस 1984

शांताकुमार    भाजपा 1989

डीडीखनूरिया  भाजपा 1991

सतमहाजन   कांग्रेस 1996

शांताकुमार  भाजपा 1998

चंद्रकुमार  कांग्रेस 2004

डॉ.राजनसुशांत भाजपा 2009

शांताकुमार  भाजपा 2014सेअबतक