दरभंगा।आजादीसेपूर्वप्रखंडकेदरभंगा-जयनगरराष्ट्रीयराजमार्ग527बीपथमेंकेवटीऔरधेपुराकेबीचोबीच1940मेंस्थापितपल्सटूरामजुलूमउच्चविद्यालयकेवटी-बनवाड़ीकाइतिहासगौरवशालीरहाहै।परंतु,विद्यालयकेवर्तमानपरसंकटमंडरारहाहै।यहांपढ़नेवालेदर्जनोंछात्रवर्तमानमेंदेश-विदेशमेंसरकारीऔरगैरसरकारीकार्यालयोंमेंऊंचेपदोंकीगरिमाबढ़ारहेहैं।

विद्यालयमेंपढे़उपेन्द्रकुमारदासदिल्लीमेंसीनियरइनकमटैक्सआफिसरकेपदपरकार्यरतहैं।वहींअमरेन्द्रकुमारदासकेदोपुत्रएकपुत्रअंशूदिल्लीमेंसहायकआयुक्तपुलिसकेपदपरऔरदूसरापुत्रबिट्टूअमेरिकामें,डा.पवनकुमारलालदासवेस्टइंडीजकेडोमनिकामेंऑलसेंटमेडिकलविश्वविद्यालयमेंप्रोफेसरकेपदपर,अरूणकुमारदासअमेरिकामेंइंजीनियरकेपदपर,रमणकुमारझामुंबईमेंएसबीआइ(मुख्यालय)डीजीएमकेपदपरकार्यरतहैं।अभिताभलालदासआइएएसहै।इसकेअलावाविद्यालयसेनिकलेदर्जनोंऐसेछात्रहैं,जोवर्तमानमेंसरकारीऔरगैरसरकारीकार्यालयोंमेंऊंचेपदोंपरकार्यरतहैं।विद्यालयकेऐतिहासिकभवनकेकईकमरेसालोंसेजर्जर:विद्यालयकेपुरानेभवनकेएककोछोड़करअन्य13कमरेपिछलेकईसालोंसेजर्जरहैं।विद्यालयकेपश्चिमऔरदक्षिणदिशासेचहारदीवारीकाअभावहैं।वहींचापाकलोंकीभीकमीहै।पुरानेभवनकाकमराजर्जररहनेकेकारणवर्तमानमें2009-10मेंप्लसटूकेलिएबनेभवनकेतीनऔरपुरानेभवनकेएककमरामेंविद्यालयकेछात्रोंकावर्गसंचालनकियाजाताहै।विद्यालयप्रशासनद्वारावरीयअधिकारियोंएवंस्थानीयजनप्रतिनिधियोंकोलगातारआग्रहकिएजानेकेबादभीजर्जरपुरानाभवनकानिर्माणनहींकरायाजासकाहै।प्रधानाध्यापकइफ्तेखारअकबरनेबतायाकिविद्यालयकीउपरोक्तसमस्याओंसेविभागकेअधिकारियोंकोअवगतकरायागयाहै।बतायाकिपिछलेदोसालोंमेंविद्यालयकापरीक्षापरिणामकाफीअच्छारहाहै।लैबएवंअन्यसंसाधनोंकीस्थितिठीकहै।विद्यालयकाप्रशासनिकभवनजर्जर:तीनप्रयोगशाला,एकपुस्तकालयएवंएकहालकरीब850छात्रोंवालेइसविद्यालयकोप्लसटूकादर्जादिएजानेकेबादभीगौरवशालीइसविद्यालयपरआजसंकटमंडरारहाहै।वर्तमानमेंइसविद्यालयमेंप्रधानाध्यापकसहित24शिक्षक-शिक्षिकाएंकार्यरतहै।पिछलेएकदशकसेविद्यालयकेमैदानकाभीसौन्दर्यीकरणनहींहोनेसेबरसातकेदिनोंमेंमैदानमेंजलजमावरहताहै।विद्यालयकाइतिहासगौरवशालीरहाहै।इसविद्यालयसेपढ़करवर्तमानमेंसीनियरइनकमटैक्सआफिसरकेपदपरकार्यरतहूंऔरदेशकीसेवाकररहा।इसविद्यालयकेफिरसेकायाकल्पकेलिएविभागऔरजनप्रतिनिधियोंकोगंभीरतापूर्वकपहलकरनाचाहिए।विद्यालयकेसौंदर्यीकरणकेदिशामेंठोसयोजनाबनानेकीजरूरतहै।साथहीछात्रावासकोपुन:चालूकरानेकीभीआवश्यकताहै।

उपेन्द्रकुमारदास

विद्यालयकेपूर्ववर्तीछात्रविद्यालयकीइतिहासगौरवशालीरहाहै।साथहीइसकीप्रसिद्धिदेशहीनहींविदेशस्तरपररहीहै।इसविद्यालयसेपढ़करवर्तमानमेंकेवटीप्रखंडकेमध्यविद्यालयमहेसाजान-गठुल्लीमेंवरीयशिक्षककेपदपरकार्यरतहूं।विद्यालयकेसौंदर्यीकरणकेदिशामेंठोसयोजनाबनानेकीआवश्यकताहै।

विद्यालयकेपूर्ववर्तीछात्र

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