खूंटी:रनियास्थितएसएसप्लसटूविद्यालयकेहिदीविषयकेशिक्षकडा.नवीनकुमारकोनईदिल्लीमेंराष्ट्रीयनवसृजनहिदीरतनपुरस्कारसेसम्मानितकियागयाहै।13फरवरीकोनवसृजनकलासाहित्यएवंसंस्कृतिन्यासनईदिल्लीकीओरसेउन्हेंयहसम्मानमिला।न्यासकीओरसेप्रतिवर्षराष्ट्रीयस्तरपरहिदीसाहित्यकीसेवाकेलिएचयनितलोगोंकोराष्ट्रीयनवसृजनहिदीरतनसेसम्मानितकियाजाताहै।इसवर्षदेशभरसे12लोगोंकोइससम्मानसेसम्मानितकियागयाहै।उनमेंडा.नवीनकुमारझारखंडसेएकमात्रव्यक्तिथे।सम्मानलेकररनियापहुंचनेपरमंगलवारकोविद्यालयपरिवारकीओरसेउनकाअभिनंदनकियागया।अभिनंदनसमारोहमेंविद्यार्थियोंनेस्वागतगानप्रस्तुतकिया।इसकेबादरनियाकेप्रखंडविकासपदाधिकारीसंदीपभगतनेपूरेप्रखंडकीओरसेऔरप्रभारीप्रधानाध्यापकविजयएंथोनीआइंदनेविद्यालयपरिवारकीओरसेपुष्पगुच्छदेकरउन्हेंसम्मानितकिया।मौकेपरप्रखंडविकासपदाधिकारीसंदीपभगतनेशिक्षकडा.नवीनकुमारकोबधाईदेतेहुएकहाकिविद्यार्थियोंकोअपनेशिक्षकडा.नवीनकुमारसेसीखलेनेकीआवश्यकताहै।बच्चोंकेलिएप्रेरकसंबोधनमेंउन्होंनेकहाकीजिसप्रकारकठिनसंघर्षऔरलगनसेवेयहांतकपहुंचेहैं,उसीप्रकारअपनेजीवनमेंलक्ष्यनिर्धारितकरआगेबढ़नाहोगा।किसीभीप्रकारकीकठिनाईऔरबाधाआनेपरभीहारनहींमाने।साथहीअपनीमातृभाषासेलगावरखें।कार्यक्रममेंप्रधानाध्यापकनेअपनेसंबोधनमेंकहाकिविद्यालयकेशिक्षकडा.नवीनकुमारनेहिदीरतनसम्मानपाकरविद्यालयहीनहीं,बल्किरनियाप्रखंडवपूरेझारखंडराज्यकानामरोशनकियाहै।इसअवसरपरडा.नवीनकुमारनेकहाकिवर्तमानसमयमेंजबपूराविश्वहमारीहिदीभाषाकोसीखनेऔरजाननेकेलिएलालायितहैं,वहींयुवापीढ़ीअपनीमातृभाषासेदूरहोतेजारहीहै।उन्होंनेविद्यार्थियोंसेअपनीमातृभूमिऔरमातृभाषासेलगावरखनेकीबातकही।कार्यक्रममेंविद्यालयकेछात्र-छात्रा,शिक्षक-शिक्षिकाकेअलावाकईलोगशामिलथे।

डा.नवीनकुमारकापरिचय

डा.नवीनकुमारझारखंडकेबालूमाथ(लातेहार)केरहनेवालेहैं।इन्होंनेचुन्नीलालउच्चविद्यालयसेमैट्रिक,बीएसकालेजलोहरदगासेहिदीमेंस्नातकऔरकिरोड़ीमलकालेज(दिल्लीविश्वविद्यालय)सेपढ़ाईकीहै।फिलहालवेएसएसप्लसटूविद्यालय,रनियामेंपीजीटीशिक्षकपदपरपदस्थापितहैं।इनकीतीनपुस्तकेंअबतकछपचुकीहैं।इसमेंकलासाहित्यमेंसांप्रदायिकचेतना,1960केबादकेउपन्यासमेंसांप्रदायिकताऔरभारतकेइतिहास1760-1900तक(झारखंडकेपरिपेक्ष्यमें)शामिलहैं।इनकेअलावाअंतरराष्ट्रीयएवंराष्ट्रीयजर्नलमेंअबतकआठलेखप्रकाशितहोचुकाहै।

By Dean