सिद्धार्थनगर:अखिलभारतहिदूमहासभाकेराष्ट्रीयकार्यकारीअध्यक्षरविद्रद्विवेदीनेकहाकिमहासभाहिदूराष्ट्रनिर्माणकेसाथहिन्दूसमाजसेजाति-पातिखत्मकरनेकाकामकररहीहै।समाजकोएकजुटकरनेमेंमहासभाकोईकोरकसरनहींछोड़ेगी।विधानसभाकीसभीसीटोंपरमहासभाचुनावलड़ाएगी।जिसमेंयोग्यऔरनिर्विवादऐसेलोगोंकोटिकटदियाजाएगा,जोहिन्दूसमाजऔरदेशहितकेलिएकार्यकररहेहैं।

राष्ट्रीयअध्यक्षगौहनियाचौराहेपरआयोजितसंगोष्ठीकोबतौरमुख्यअतिथिसंबोधितकररहेथे।उन्होंनेकहाकिहिदूकोएकजुटकरनेकेनामपरअबतकसिर्फसियासतहुईहै।धरातलपरकोईकामनहींहुए।राजनीतिकीस्वच्छताकेलिएमहासभाआंदोलनछेड़रहीहै।राष्ट्रीयअध्यक्षनेपार्टीकार्यालयकाभीशुभारंभकियाऔरकहाकिप्रदेशकेसभीजिलोंमेंहिन्दूमहासभाकेकार्यालयस्थापितकिएजाएंगे।कहाकिदेशकेसभीदलतुष्टीकरणकीनीतिपरचलरहेहैं।इससेहिदूसमाजकीअनदेखीहोरहीहै।महासभाकेप्रदेशअध्यक्षऋषित्रिवेदीनेकहाकिहिन्दूएकसंस्कृतिवपरंपराहै।इसकीरक्षाकरनेप्रत्येकहिदूकाधर्महै।भाजपासेउम्मीदथी,लेकिनवहभीभटकावमेंआगई।महासभाकोमजबूतबनानेकेलिएहरप्रदेशमेंसदस्यताग्रहणकार्यक्रमचलायाजारहाहै।राष्ट्रीयअध्यक्षऔरप्रदेशअध्यक्षनेप्रेसवार्तामेंभीयहीबातदोहराई।

कार्यक्रमकेआयोजकप्रदेशप्रवक्तादिवाकरविक्रमसिंहउर्फसोनूसिंहनेकहाकिभाजपासरकारपूरेदेशमेंजाति-पातिकीराजनीतिकररहीहै।हिन्दूसमाजकोजातियोंमेंबांटकरआपसमेंलड़ानेकाकामकियाजारहाहै।हिदूमहासभातुष्टिकरणराजनीतिकाविरोधकरतीहैं।जबसभीहिन्दूएकहोंगेतभीहिन्दूराष्ट्रकानिर्माणहोगा।आगामीविधानसभाचुनावमेंहिन्दूमहासभाप्रदेशके425सीटोंपरअपनाप्रत्याशीउतारेगी।भारतकोहिन्दूराष्ट्रबनानेकाआगाजउत्तरप्रदेशकेविधानसभाचुनावसेहोगा।कार्यक्रमकोप्रदेशउपाध्यक्षडा.मुकेशअग्रवाल,प्रदेशमहामंत्रीसिद्धार्थदुबे,प्रदेशअध्यक्षमहिलामोर्चाबबितायादव,प्रदेशमहामंत्रीमहिलामोर्चाआरतीयादव,प्रदेशमंत्रीअश्वनीगुप्तानेभीसंबोधितकिया।इसदौरानसूरजत्रिपाठी,रामदेवकनौजिया,श्रीकांतपांडेय,नीरजशुक्ला,महेशपाण्डेय,रत्नेशसिंह,गिरजेश,योगेन्द्रपालआदिमौजूदरहे।गुरुज्ञानकाकारकहै,ज्ञानकीकल्पनानहींसंभवसिद्धार्थनगर:सरस्वतीविद्यामंदिरइंटरकालेजमेंशुक्रवारकोमहर्षिवेदव्यासजयंतीकाआयोजनहुआ।वक्ताओंनेउनकेजीवनपरप्रकाशडाला।स्वतंत्रतासंग्रामसेनानीलोकमान्यबालगंगाधरतिलकवचंद्रशेखरआजादकेव्यक्तित्वपरभीगोष्ठीहुई।

प्रधानाचार्यराकेशमणित्रिपाठीनेकहाधार्मिकशास्त्रोंमेंगुरुकोभगवानसेभीश्रेष्ठमानागयाहै।गुरुहीभगवानतकपहुंचनेकामार्गबतातेहैं।गुरुज्ञानकाकारकहैजिसकेबिनाज्ञानकीकल्पनाभीनहींकीजासकतीहै।आषाढ़माहकीपूर्णिमाकोगुरुपूर्णिमाकेरूपमेंमनायाजाताहै।इसीदिनहीमहर्षिवेदव्यासकाजन्महुआथा।वहसंस्कृतकेमहानज्ञाताथे।उनकेद्वारासभी18पुराणोंकीरचनाकीगई।उन्हेंआदिगुरुभीकहाजाताहै।गुरुकेप्रतिश्रद्धाव्यक्तकरनेकादिनहै।कार्यक्रमसंयोजकसुभाषचंद्रसिंह,गोविदसिंहआदिमौजूदरहे।