संवादसहयोगी,हथीन:सहीशिक्षावशिक्षकसमाजकाआइनाहै।अगरसहीसोचवालेशिक्षकसेढंगसेकोईशिक्षालेतोउसेबुलंदीसेकोईनहींरोकसकता।ऐसाहीकरदिखायाहैबहीनकेशिक्षकवेदरामशर्माने।शिक्षाकेक्षेत्रमेंउल्लेखनीययोगदानकेलिएराज्यवराष्ट्रीयस्तरपरसम्मानितहोचुकेवेदरामशर्माकीशिक्षाकेक्षेत्रमेंअलगकीछापरहीहैं।67वर्षीयवेदरामशर्माने40सालतकशिक्षककेरूपमेंजोज्ञानमेवात(16वर्षअलगअलगगांव)वजटियांत(24वर्षबहीन)केबच्चोंकोबांटावहहमेशायादरहेगा।

25सितंबर1969कोउनकीसबसेपहलीनियुक्तिप्राथमिकस्कूलअभयपुर(सोहना)मेंशिक्षककेरूपमेंहुई।यहांसेउसनेअपनेगुरूसंतदासगर्ग(तत्कालीनबहीनस्कूलमुखिया)कीशिक्षाकोबच्चोंमेंबांटनाशुरूकरदिया।वेदरामशर्माकुछदिनोंबादमेवातमेंआगए।16सालतकमेवातकेमलाई,जहटाना,सिरोलीवकईअन्यस्कूलतथा24सालतकबहीनप्राथमिकस्कूलमेंछात्रोंकोशिक्षाप्रदानकी।वेदरामशर्माकीसबसेखासबातयहरहीकिउन्होंनेनकभीगर्मीनसर्दीनहीछुट्टंीकीपरवाहकी।केवलउनकाध्येयबच्चोंकोबेहतरीनतालीमदेनारहा।

40सालकीनौकरीकेदौरानस्कूलछुट्टीकेबादभीबच्चोंकोपढ़ानेकेलिएवहजरूररुकतेथे।तभीतोउन्होंने500बच्चोंकोवजीफादिलाया।250बच्चेऐसेथेजोनवोदयविद्यालयमेंप्रवेशपाए।दर्जनभरबच्चेउनकीबेहतरीनपढ़ाईकालाभउठाकरसैनिकस्कूलमेंदाखिलहुए।आधादर्जनबच्चेराईस्कूलसोनीपतमेंदाखिलहुए।जोआजऊंचेओहदेपरहैं।शिक्षाहीनहींपढ़ाईकेदौरानउन्होंनेसांस्कृतिकशिक्षा,नैतिकशिक्षा,आचारव्यवहार,अनुशासनकाजोपाठबच्चोंकोपढ़ायावहकाबिलेगौररहाहैं।शिक्षाकेप्रतिसमर्पण,त्यागवबलिदानकेचलतेउन्हें1995मेंहरियाणाकेराज्यपालमहावीरप्रसादनेस्टेटलेवलपरसम्मानितकिया।वहीं1995मेंउन्हेंशिक्षामेंउल्लेखनीययोगदानकेलिएतत्कालीनराष्ट्रपतिकेआरनारायणननेनेशनलएवार्डसेनवाजा।

अध्यापककोराष्ट्रनिर्माताकहतेहैं।असलीराष्ट्रनिर्मातावहजोअध्यापकशिक्षाकेप्रतिसमर्पितवसजगहो।शिक्षककोबच्चोंकोनैतिकशिक्षाकेअलावाअनुशासनवेकर्तव्यप्रतिकेप्रतिनिष्ठावानहोनाचाहिए।तभीशिक्षावशिक्षार्थियोंकोभलाहोगा।

-वेदरामशर्मा,राष्ट्रीयपुरस्कारविजेतापूर्वशिक्षकगांवबहीन।

By Dodd