नयीदिल्ली,28मार्च(भाषा)केंद्रीयशिक्षामंत्रीधर्मेंद्रप्रधाननेसोमवारकोलोकसभामेंकहाकिशिक्षाकेक्षेत्रमेंसमस्याओंकासमाधानकेवलकेंद्रीयविद्यालयोंसेहीनहींनिकलेगाऔरराज्यसरकारोंकोभीस्कूलोंकोसुधारनेकेलिएप्रयासकरनेहोंगे।सदनमेंप्रश्नकालकेदौरानपूरकप्रश्नोंकाउत्तरदेतेहुएप्रधाननेकहा,‘‘शिक्षामेंकेंद्रऔरराज्योंदोनोंकीभूमिकाहै।केंद्रसरकारकेंद्रीयविद्यालय,नवोदयविद्यालयऔरजनजातीयक्षेत्रोंमेंएकलव्यविद्यालयखोलतीहै।केवलयेविद्यालयहीशिक्षाकासमाधाननहींहैं।राज्योंकोभीसमाधानदेखनेहोंगे।’’उन्होंनेसांसदोंसेदेशभरमेंराज्यसरकारोंद्वारासंचालितहजारोंस्कूलोंकेउन्नयनकेलिएपिछलेबजटमेंकेंद्रसरकारद्वाराआवंटित3,500करोड़रुपयेकेउचितउपयोगकेलिएभीपहलकरनेकीअपीलकी।प्रधाननेकहाकिनयेकेंद्रीयविद्यालय(केवी)खोलनेकीएकसततप्रक्रियाहैओरकेंद्रसरकारकेउनकर्मचारियोंकेबच्चोंकीशैक्षिकजरूरतोंकोपूराकरनेकेप्राथमिकउद्देश्यकेसाथइन्हेंखोलाजाताहैजिनकास्थानांतरणहोतारहताहै।उन्होंनेकहा,‘‘नयेकेंद्रीयविद्यालयखोलनेकेप्रस्तावपरतभीविचारकियाजाताहै,जबउन्हेंकेंद्रसरकारकेमंत्रालयोंयाविभागों,राज्यसरकारों,केंद्रशासितप्रदेशोंकेप्रशासनोंद्वाराप्रायोजितकियाजाताहैऔरविद्यालयकेभवनकेलिएसंसाधनोंकीप्रतिबद्धताजताईजातीहै।’’

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