हर्षवर्धनत्रिपाठी।SchoolReopeningNewsदेशभरमेंचरणबद्धरूपसेअबस्कूलखोलेजारहेहैं।हालांकिइसबीचकुछलोगइसबातकीआशंकाभीजतारहेहैंकिसंक्रमणकीतीसरीलहरमेंबच्चोंपरज्यादाबुराअसरपड़सकताहै।इसीलिएबच्चोंकोविद्यालयभेजनेकेविरुद्धकईबड़ेप्रश्नउठरहेहैं।पहलासबसेबड़ाप्रश्नहैकिअगरइतनेसमयसेबच्चेआनलाइनपढ़ाईकररहेहैंतोतकनीककासदुपयोगकरकेकुछऔरसमयतकबच्चेघरसेहीपढ़ाईक्योंनकरें?दूसराबड़ाप्रश्नहैकिजबतीसरीलहरकीआशंकाहैतोअनजानेवायरसकेसामनेबिनाटीकाकरणकेबच्चोंकोविद्यालयभेजनेकाखतराक्योंउठानाचाहिए?तीसराकिछोटेबच्चोंकेलिएभीविद्यालयखोलनेकेपीछेशिक्षामाफियाकामकररहाहै।ऐसेसाजिशीसिद्धांतकेपक्षमेंतर्कदेनेवालेकहरहेहैंकिदेशमेंनिजीविद्यालयोंमेंपढ़नेवालेबच्चेविद्यालयनहींजारहेहैंऔरकईनिजीविद्यालयोंकोबंदभीकरनापड़ाहै,इसीलिएसरकारोंपरदबावहैकिविद्यालयजल्दसेजल्दखोलेजाएं।

येतीनोंप्रश्नमहत्वपूर्णहैंऔरइसपरविस्तारसेचर्चाकरउसकासहीपक्षलोगोंकेसामनेलानाइसलिएभीआवश्यकहैक्योंकिछोटेबच्चोंसेजुड़ेहोनेकीवजहसेयहमसलाअतिसंवेदनशीलहोजाताहै।सबसेपहलेतकनीककेहोतेहुएबच्चोंकोविद्यालयभेजकरखतरेमेंडालनेवालेतर्ककीबातकरतेहैं।तकनीकआधुनिकसमयमेंकेवलशिक्षाहीनहींहरकार्यकोआसानकरनेकामाध्यमबनगईहैऔरवायरसकेदुष्प्रभावसेपहलेहीभारतमेंडिजिटललìनगकारोबारतेजीसेबढ़रहाथा।आनलाइनमाध्यमोंकेजरियेविभिन्नतरहकेआकर्षक,रुचिकरपाठ्यक्रमोंसेबच्चोंकोतेजीसेसिखानेकेलिएकईनएस्टार्टअपभीइसमेंआगेआएहैं।

बड़ेकारोबारीबैठकोंऔरवीडियोकालकेजरियेहोनेवालीबातचीतमेंशिक्षाकानयाआयामजुड़ातोढेरोंकंपनियोंनेएकमोबाइल,कंप्यूटर,टैबलेटऔरलैपटापपरपूरीकक्षाकोसमेटदिया।कहाजासकताहैकितकनीकनेबच्चोंकोशिक्षाकीआवश्यकतापूरीकरदी,लेकिनइसीकेसाथतकनीकसेजुड़ीहुईएकबड़ीमुश्किलभीहैकितकनीकभलेहीसबकोजोड़नेकाकामकररहीहै,लेकिनशुरुआतीदौरमेंनईतकनीककालाभसुविधासंपन्नलोगोंकोहीमिलपाताहैऔरआनलाइनकक्षाओंकेमामलेमेंभीयहीहुआहै।निजीयाफिरसरकारीविद्यालयोंमेंभीपढ़नेवालेसुविधासंपन्नबच्चेहीआनलाइनमाध्यमसेअपनीपढ़ाईलगातारकररहेहैं।यहांतककिमहानगरोंमेंभीबहुतसेबच्चोंकेलिएआनलाइनमाध्यमसेशिक्षाप्राप्तकरपानाआसाननहींरहा।कस्बोंऔरगांवोंकेविद्यालयोंपरतालाबंदीकेसाथहीउनविद्यालयोंकेछात्रोंकीबेहतरीकेरास्तोंपरभीतालाबंदहोगया।

इंटरनेटकीउपलब्धता:प्रधानमंत्रीनरेन्द्रमोदीनेअपनेशुरुआतीलक्ष्योंमेंहरगांवमेंबिजलीऔरअच्छीइंटरनेटसुविधाकालक्ष्यरखाहै,लेकिननियमितविद्युतआपूíतऔरनिर्बाधशिक्षायोग्यइंटरनेटकीसुविधाअभीदेशभरमेंकितनीउपलब्धहै,इसकेलिएएनसीईआरटीकाएकआंकड़ादेखनाआवश्यकहै।पिछलेवर्षहुएएनसीईआरटीकेसर्वेमेंयहबातसामनेआईथीकि27प्रतिशतछात्रोंकेपासस्मार्टफोनयाकंप्यूटर,लैपटापनहींहैऔर28प्रतिशतछात्रोंकेयहांबिजलीकीनियमितआपूíतबड़ीसमस्याहै।आंकड़ेयहभीबतातेहैंकिजिन36हजारछात्रों,अभिभावकों,शिक्षकोंऔरप्रधानाचार्योसेबातचीतकीगईहै,वेकेंद्रीयविद्यालय,नवोदयविद्यालयऔरसीबीएसईबोर्डकेविद्यालयोंसेजुड़ेहुएहैं।गांवों,कस्बोंऔरछोटेशहरोंकेसामान्यविद्यालयों,सरकारीऔरनिजीदोनोंमेंतकनीककीपहुंचकीकमीकाआंकड़ाबहुतबड़ाहोजाताहै।इसलिएतकनीककाउपयोगकरकेसुविधासंपन्नलोगोंकोफिलहालशिक्षामिलपारहीहै,लेकिनशिक्षाकेजरियेसभीकोसमानअवसरमिलनेकीमूलअवधारणापरहीचोटहोरहीहै।

तकनीककीभूमिका:महत्वपूर्णबातयहभीहैकिसुविधाहीनलोगोंकोहीतकनीकीशिक्षाकानुकसानहोरहाहै।सुविधासंपन्नबच्चेभीगणितऔरविज्ञानजैसेविषयोंमेंमोबाइलयाकंप्यूटरकेजरियेचलरहीकक्षामेंठीकसेध्याननहींलगापातेहैं।जिनपरिवारोंमेंहिंदीयादूसरीभारतीयभाषाओंमेंसामान्यबातचीतहोतीहै,उनघरोंकेबच्चेतकनीकीतौरपरसंपन्नहोनेपरभीअंग्रेजीभाषामेंठीकसेकमसमझपातेहैं।पहलेभीविद्यालयमेंएककक्षामेंअधिकबच्चेहोनेपरकुछबच्चोंकेपीछेछूटजानेकाखतराबनारहताथा,इसीलिएअच्छेविद्यालयशिक्षक-छात्रअनुपातकोभीविद्यालयकीगुणवत्तामेंबतातेथे,लेकिनमोबाइल,कंप्यूटरकीखिड़कीसेझांकतेबच्चोंकीशिक्षाकीगुणवत्ताकीबातहीहोनाबंदहोगईहै।तकनीकनेयहीकरदियाहैकिकक्षाएंचलरहीहैं,कितनेबच्चोंकोकक्षाएंसिखापारहीहैं,इसपरबड़ेशोधकीआवश्यकताहै।

अबदूसराबड़ाप्रश्नहैकिजबतीसरीलहरकीआशंकाहैतोफिरबिनाटीकेकेबच्चोंकोविद्यालयभेजनेकाजोखिमक्योंउठानाचाहिए।इसप्रश्नकेआतेहीसारेतर्कधरेकेधरेरहजातेहैंकिक्याबिगड़जाएगा,बच्चेअगरकुछदिनऔरविद्यालयनहींजाएंगे।अबइसकेलिएहमेंसबसेपहलेतोयहीसमझनाहैकितीसरीलहरकीआशंकाभरहैऔरदूसरीलहरकेबादकेंद्रऔरराज्यसरकारोंनेस्वास्थ्यसुविधाओंकेलिहाजसेतैयारीदुरुस्तकीहै।साथही,अगस्ततकटीकाकरणकातयलक्ष्यप्राप्तकरलियागया।शिक्षकोंकोटीकालगानेमेंवरीयतादीजारहीहै।बच्चोंकेविद्यालयजानेसेबहुतपहलेसेशिक्षकोंऔरविद्यालयमेंकामकरनेवालेदूसरेलोगोंकोविद्यालयबुलायाजानेलगाथा,लिहाजाअधिकांश शिक्षाकर्मियोंनेटीकालगवालियाहै।

सोचनेवालीबातयहभीहैकिबच्चेअपनेकामकाजीमाता-पिताकेसाथतोरहहीरहेहैं,अधिकतरबच्चेअपने-अपनेमोहल्ले,सोसायटी,कस्बे,गांवमेंदूसरेबच्चोंकेसाथनियमिततौरपरखेलनेकेलिएबाहरभीजानेलगेहैं।केरलऔरमहाराष्ट्रजैसेवायरसकेमामलेबढ़नेवालेराज्योंकोअपवादकेतौरपरछोड़देंतोअधिकतरराज्योंमेंवायरसपरलगभगनियंत्रणहै।यहीवजहरहीकिकुछहीदिनोंपहलेदेशकेपर्यटकस्थलोंसेभारीभीड़केचित्रसामनेआरहेथेऔरइनमेंपरिवारोंकेसाथवहीबच्चेशामिलथे,जिनकेविद्यालयजानेपररोकलगानेकेलिएबच्चोंकाटीकाकरणनहोनेकेतर्कदिएजारहेहैं।वहसारीआशंकाएंघर,परिवार,रिश्तेदारोंकेसाथ,दूसरेबच्चोंकेसाथखेलने,बाजारजानेमेंभीहैं।

अबतीसराबड़ाप्रश्नयाकहेंसाजिशीसिद्धांतआताहैकिछोटेबच्चोंकेलिएभीविद्यालयखोलनेकेपीछेशिक्षामाफियाकामकररहाहै,लेकिनइसेठीकसेसमझनेकीआवश्यकताहै।शिक्षामाफियाअलग-अलगतरहसेकामकरताहैऔरउसपरअंकुशलगानेकेलिएसरकारोंकोयोजनाबद्धतरीकेसेकामकरनाहोगा,लेकिनक्याबच्चोंकोविद्यालयोंसेदूररखकरशिक्षामाफियाकोकमजोरकियाजासकताहै?जिनविद्यालयोंमेंआनलाइनकक्षाएंचलरहीहैं,उन्होंनेफीसमेंशायदहीकोईकमीकीहो।हां,यहसहीहैकिफीसबढ़ाईनहींगईऔरजहांआनलाइनकक्षाएंनहींचलीं,वहांअभिभावकोंनेफीसदीभीनहींहै।इसलिएविद्यालयखोलकरबच्चोंसेफीसवसूलनेकीनिजीविद्यालयोंकीसाजिशकासिद्धांतभीयहांकामनहींकरताहै,बल्किविद्यालयनखुलनेसेकईविद्यालयबच्चोंसेतोपूरीफीसवसूलरहेहैं,लेकिनअध्यापकोंकोघरसेआनलाइनकक्षालेनेकीबातकहकरउनकेवेतनमेंकटौतीकररखीहै।छोटेशहरों,कस्बों,गांवोंमेंतोनिजीविद्यालयलगभगबंदहीहोगएहैं।इससेछात्रों,शिक्षकोंऔरपूरेसमाजकाअहितहोरहाहै,केवलविद्यालयचलानेवालेकानुकसाननहींहै।

ऐसाकहाजासकताहैकिविद्यालयखोलनेमेंकुछहदतकअर्थशास्त्रकीभूमिकाहै,लेकिनबच्चेअबघरमेंतोबैठेनहींहैं।सिर्फकक्षाएंआनलाइनरहगईहैं।ऐसेमेंविद्यालयखोलनाआवश्यकहैऔरतीसरीलहरकीआशंकाकेबीचबच्चोंकोकबतकविद्यालयसेदूररखाजाए।उनकेमनमस्तिष्कपरअबबुराप्रभावपड़रहाहै।विद्यालयमेंअलग-अलगपृष्ठभूमिकेछात्रोंकेसाथएकसाथबैठकरपढ़नेसेबच्चोंकोबेहतरसीख,अलग-अलगतरीकेसेएकहीसमस्याकासमाधाननिकालनेकीसमझकेसाथसामाजिकसमझभीविकसितहोतीजातीहै।एकमोबाइल,कंप्यूटरकीस्क्रीनपरछोटी-छोटीखिड़कियोंसेझांकतेबच्चेखुलेआसमानकीप्रतीक्षाकररहेहैं।देशकेभविष्यकाप्रश्नहै।वायरसकेदुष्प्रभावकेशोधमेंअधिकतरविज्ञानीऔरविशेषज्ञबतारहेहैंकिबच्चोंमेंइससेलड़नेकीबेहतरक्षमताहैऔरवयस्कोंकेटीकाकरणनेसंपर्कमेंआकरवायरसफैलनेकेदुष्प्रभावकोकाफीहदतककमकरदियाहै।12-18वर्षकेबच्चोंकेटीकेकेलिएजाइडसकेजाइकोविडकोस्वीकृतिमिलचुकीहैऔरदोसे17वर्षकेबच्चोंकेलिएदूसरे-तीसरेचरणकेट्रायलकेलिएबच्चोंकोचयनितभीकियाजारहाहै।

एहतियातकेसाथविद्यालयखोलतेहुएसरकार,निजीऔरसरकारीविद्यालयोंकोहीबच्चोंकेटीकाकरणस्थलमेंबदलसकतीहै।इससेदोलाभहोंगे।पहला,बच्चोंकोटीकालगवानेकेलिएउनकेमाता-पितायाकिसीअभिभावककोसाथजानेकीआवश्यकतानहींहोगीऔरविद्यालयकेसाफ-सुथरे,स्वस्थपरिवेशमेंबच्चोंकोआसानीसेटीकालगसकेगा।दूसरा,कमजोरवर्गकेसुविधाहीनबच्चोंकोविद्यालयमेंलानेकीवजहभीबनजाएगाऔरइसकेलिएभीसभीसरकारीऔरनिजीविद्यालयोंकेबच्चोंकापंजीकरणकियाजासकताहै।इससेटीकेकीमांगऔरआपूर्तिकासंतुलनभीबनाएरखाजासकताहै।कुलमिलाकरबच्चोंकीशिक्षाऔरदेशकेभविष्यकेलिएविद्यालयमेंबच्चोंकापढ़नेजानाअतिआवश्यकहैऔरइसअंजानवायरससेपूरीसावधानीभी।विश्वस्वास्थ्यसंगठनकीमुख्यविज्ञानीडाक्टरसौम्याविश्वनाथनकाकहनाहैकियहवायरसभारतमेंएंडेमिकअवस्थामेंचलागयाहै,जिसकामतलबहुआकियहफिलहालजानेवालानहींहै,लेकिनइसकीतीव्रताकमरहजाएगी।इसलिएहमेंऔरहमारेदेशकेभविष्यबच्चोंकोभीवायरसकेसाथमजबूतीसेरहनासीखनाहोगा।

[वरिष्ठपत्रकार]