सुपौल।राजकीयउच्चविद्यालयवीरपुरकेपूर्ववर्तीछात्र-छात्राओंकेपुनर्मिलनसमारोहकाआयोजनकरतेहुएरविवारकोऊर्जामंत्रीनेकहाकिआजकीशैक्षणिकमाहौलमेंगुरुनहींमास्टरहोतेहैं।जबकिशिक्षकोंकावहचरित्रअबसमाप्तहोतीजारहीहै।

बतातेचलेंकिस्थानीयकौशिकीभवनमेंआयोजितइसकार्यक्रममेंबतौरमुख्यअतिथिऊर्जामंत्रीविजेंद्रप्रसादयादव,विधानपार्षदविजयकुमारमिश्राएवंजिलाधिकारीबैद्यनाथयादवउपस्थितहुए।कार्यक्रमकाशुभारम्भअतिथियोंद्वारादीपप्रज्ज्वलितकरकियागया।समागमकोसंबोधितकरतेहुएइसविद्यालयकेपूर्वछात्ररहेसहसूबेकेऊर्जामंत्रीविजेंद्रप्रसादयादवनेअपनेछात्रजीवनकीयादोंसेअवगतकरातेहुएकहाकिकोसीपरियोजनाकेस्थापनाकालमेंहीवीरपुरमेंइसकोसीहाईस्कूलकीस्थापनाकीगई।जिसकाउद्घाटनप्रथममुख्यमंत्रीश्रीकृष्ण¨सहने1958मेंकियाथा।भारत-नेपालसीमाअवस्थितइसविद्यालयकीख्यातिदोनोंदेशकेसीमाक्षेत्रमेंपढ़ाईऔरअनुशासनकेलिएफैलीहै।उससमयकेसहरसाजिलेमेंइसस्कूलकीअपनीअलगपहचानजिलेसेलेकरसूबेतकरही।जैसेपढ़ाई,खेल,अनुशासनमेंजोमुकामथाउससेभीबड़ीइसकीख्यातिविद्वानशिक्षककीबदौलतआजतकअक्षुण्णहै।शिक्षाकीगुणवत्ताकीबदौलतइसविद्यालयकेछात्रआजदेश-विदेशमेंअपनीअलगपहचानबनायेहुएहैं।सत्ताऔरशासनकेशिखरपररहतेहुएअपनीगरिमाकोबनायेहुएहैं।कहाकिआजकेपरम्परामेंगुरुनहींमास्टरहोतेहैं।जबकिशिक्षकोंकावहचरित्रआजविलुप्तहोताजारहाहै।गुरुगो¨वददोउखड़ेकाकेलागूंपांवबलिहारीगुरुआपनेगो¨वददियोबताय।आजयहपरंपराकहीनहींदिखतीहै।गुरु-शिष्यकीमर्यादाकापालननहींहोपाताहै।जिसकारणह्रासहोताजारहाहै।पूर्वछात्रविधानपार्षदनेकहाकिकोसीहाईस्कूलकीअवस्थाजीर्णहोरहीहै।आवश्यकशौचालय,चाहरदिवारीआदिनहींहै।लड़कियोंकोकाफीपरेशानीहोतीहै।इसलिएमैंअपनेनिधिसेदसलाखकीराशिसाइकिलशेडनिर्माणहेतुडीएमकोदेताहूं।उन्होंनेमंत्रीसेमांगरखीकिवीरपुरमेंएकटेक्निकलशिक्षाकेउच्चसंस्थानखोलेजाएं।डीएमनेमौकेपरकहाकिजिलेमें132उच्चविद्यालयोंमेंसेएकमात्रइसविद्यालयकामैंअध्यक्षहूं।इसहैसियतसेमैंइसकेविकासकेलिएवचनबद्धहूं।विद्यालयकीसारीकमियोंकोअविलंबदूरकरतेहुएइसकाजीर्णोद्धारकरनयाशक्लदियाजायेगा।

मौकेपरलक्ष्मीनारायणयादव,युगलकिशोरअग्रवाल,उच्चशिक्षानिदेशकसास्वतानन्दझा,मगरूफआलम,पूर्वडीईओसत्येंद्रकंठ,पूर्वप्राचार्यसदानंदपासवान,डॉ.अच्युतानन्दझा,दिनेशरंजन,एडिसनलकमिश्नरवाणिज्यकरविभागपटनासच्चिदानंदझा,अशोककमल,एडीएममधुबनीविनोदपंकजआदिप्रमुखथे।मंचसंचालनएवंधन्यवादज्ञापनडॉ.रंजीतमिश्रानेकिया।

By Davey