सुलतानपुर:करीबडेढ़दशकपूर्वएंजरगांवमेंराजकीयआश्रमपद्धतिविद्यालयखोलेजानेकाआदेशशासनकीओरसेपारितहुआ।जिससेक्षेत्रकेगांवकेलोगोंकोखुशीहुईकिउनकेक्षेत्रमेंविद्यालयकीस्थापनाहोनेजारहीहै,धनभीआवंटितहोगया।उनकीखुशीउससमयकाफूरहोगईजबउन्हेंपताचलाकिविद्यालयकहींऔरचलरहाहै।अधिकारीआश्वासनकीघुट्टीपिलातेरहेकिजल्दस्थापनाहोगी,लेकिनआजतककुछभीनहींहुआ।वर्ष2004-2005मेंराजकीयआश्रमपद्धतिविद्यालयबनानेकेलिएएंजरगांवचयनितहुआथा।ग्रामसभाद्वाराविद्यालयबनानेकेलिएतत्कालप्रस्तावबनाकरउससमयतहसीलवराजस्वमहकमेकोदेदियागया।ग्रामसभाकेखातेमेंदर्जगाटासंख्या2638/1,265,2650/0•063तथा26517708मेंदोएकड़सेअधिकजमीनकोस्वीकृतिकरविद्यालयवप्रधानाचार्यकेनामदर्जकरवादिया।डेढ़दशकबीतगएलेकिनआजतकविद्यालयकानिर्माणनहींहुआ।जानकारीकरनेपरपताचलाकियहविद्यालयकुड़वारब्लाककेमहाराजगंजबाजारमेंस्थानांतरितहोगया।

प्रदीपसिंह,अजयकुमार,पवन,विनोद,अजयसिंह,छविलाल,ईसाआदिलोगोंकाआरोपहैकिएकतोगांवकोस्कूलनहींमिलादूसरेग्रामसभाकीजमीनभीचलीगई।

-----------इसतरहकाकोईमामलामेरीजानकारीमेंनहींहै।जानकारीकरउचितकार्यवाहीकीजाएगी।

रामकुमार,खंडशिक्षाअधिकारी,धनपतगंज