मैनपुरी,दन्नाहार:बच्चोंकोकच्चीमिट्टीकाघड़ाइसलिएकहाजाताहैकिबचपनमेंउन्हेंजोसिखायाजाताहैवेजीवनभरउसीपरचलतेहैं।जबबुनियादीशिक्षामेंहीबच्चोंकोस्वच्छताकीप्रेरणानहींदीजारहीहैतोवेआगेचलकरदेशकोकैसेस्वच्छबनाएंगे।जिलेकेसरकारीविद्यालयोंकेहालातकुछऐसेहीहैं।

विकासखंडघिरोरकेप्राथमिकविद्यालयदरवाहमेंखंडहरहोचुकेशौचालयजैसेबच्चोंकोमुंहचिढ़ारहेहैं।कहनेकोतोपिछलेपांचवर्षोंसेविद्यालयमेंशौचालयबनेहैं,लेकिनइनकाउपयोगपिछलेचारसालोंसेनहींहोसका।यहांबनवाएगएशौचालयएकवर्षमेंहीबदहालहोगए।टैंकध्वस्तहोजानेकेचलतेइसकाउपयोगबंदहोगया,जिसकेबाददेखरेखकेअभावमेंअबयहखंडहरहोगए।विद्यालयमेंपढ़नेवाले56बच्चोंकोखेतोंमेंशौचकेलिएजानापड़ताहै।गांवकेलोगइसकेकारणछोटेबच्चोंकोस्कूलभेजनेसेकतरातेहैं।प्रधानाध्यापकदिलीपकुमारकाकहनाहैकिशौचालयनिर्माणकेलिएकईबारप्रयासकिएगए,लेकिनउनकेप्रयाससफलनहींहोसके।

सबसेपहलेतोसरकारकोविद्यालयमेंहीशौचालयबनवानाचाहिएथे।स्कूलमेंपढ़नेवालेछोटेबच्चेहीदेशकाभविष्यहैं।जबवेखुलेमेंशौचजाएंगेतोदेशस्वच्छकैसेहोगा।

विपिनकुमार,ग्रामीण।

कईबारगांवमेंनिरीक्षणकेलिएआनेवालेअधिकारियोंसेभीशौचालयकीशिकायतकीगई।किसीनेनहींसुना।अबगांवकेलोगहीइसेसहीकरानेकीचर्चाकररहेहैं।

नेमपाल,ग्रामीण।

जबसेस्कूलमेंप्रवेशलियाहैउससेपहलेसेहीशौचालयबदहालहै।हमलोगोंकोशौचकेलिएअपनेघरहीजानापड़ताहै।स्कूलमेंजोशौचालयहैवहबंदहोचुकाहै।

प्रशांत,कक्षा-पांच।

हमारेस्कूलमेंशौचालयनहोनेकेकारणसभीलोगखेतोंमेंशौचकेलिएजातेहैं।कईबच्चेतोअपनेघरजानेकेबादलौटकरहीनहींआतेहैं।

प्रदीप,कक्षा-पांच।

By Davey